कहा से शुरू करू क्या लिखूं , कुछ समझ मे ही नही आ रहा हैं । सोचा लिखना ही तो है कोनसी बड़ी बात हैं । मगर जब लिखने बैठा तो तब पता चला कि लिखना आसान है या नही । अब ये समझ से बाहर हो रहा था कि कैसे शुरू करु ओर किस विषय मे लिखना शुरू करू ओर किसके बारे में लिखूं कुछ भी समझ मे नही आ रहा है । कभी सोचा कि देश के बारे मे लिखता हूं । कभी सोचा समाज के बारे मे , कभी दुनिया ,कभी परिवार , कभी प्यार तो कभी कुछ । विषय तो इतने मगर लाइन किसी भी विषय के लिए नही बन रही थी ।
आखिर काफी सोच विचार करने के बाद फिर ये सोचा की चलो देखा जाएगा जो दिल मे है वो ही लिख देता हूँ. पहली बार लिख रहा हूँ . लिखने का दिल तो बहुत करता है मगर टाइम नही होने की वजह से लिख नही पता । ऐसा नही है की टाइम नही है एक दम बैकार बैठा हूँ । बस ख़ामख़ा ही बिजी रहता हूँ । तो दोस्तो आज से लिखना शुरू । कोशिश करूंगा कि अपने लिए लिख सकूँ ओर कुछ अच्छा लिखूं ।
नमस्कार
आखिर काफी सोच विचार करने के बाद फिर ये सोचा की चलो देखा जाएगा जो दिल मे है वो ही लिख देता हूँ. पहली बार लिख रहा हूँ . लिखने का दिल तो बहुत करता है मगर टाइम नही होने की वजह से लिख नही पता । ऐसा नही है की टाइम नही है एक दम बैकार बैठा हूँ । बस ख़ामख़ा ही बिजी रहता हूँ । तो दोस्तो आज से लिखना शुरू । कोशिश करूंगा कि अपने लिए लिख सकूँ ओर कुछ अच्छा लिखूं ।
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